लिखावट सुधारें : अंगुलियों को हुनरमंद बनायें
बहुत कोशिश की
बहुत खाई डांट
पर नहीं सुधरी लिखावट
सोलह दूनी आठ।
पर अब होंगे ठाठ
नीचे इमेज को बांच
लिखना हो हिंदी में
या लिखें अंग्रेजी में
शब्दों के मोती बनायें ।
जो लिखते हैं
कंप्यूटर पर निरंतर
उनको नहीं पड़ता अंतर
पर अच्छा है यह जंतर
लिखावट की जिंदगी
आह से अहा हो जाती है
जब लिखावट सुधर जाती है।
अपने तक मत रखें सीमित
इस जानकारी को बनायें असीमित
लिखने में आ जाती हैं सलवटें
अब मत बदलें करवटें
सलवटें दूर करें।
अहा जिंदगी मासिक पत्रिका अगस्त 2010 से साभार।
बहुत खाई डांट
पर नहीं सुधरी लिखावट
सोलह दूनी आठ।
पर अब होंगे ठाठ
नीचे इमेज को बांच
लिखना हो हिंदी में
या लिखें अंग्रेजी में
शब्दों के मोती बनायें ।
जो लिखते हैं
कंप्यूटर पर निरंतर
उनको नहीं पड़ता अंतर
पर अच्छा है यह जंतर
लिखावट की जिंदगी
आह से अहा हो जाती है
जब लिखावट सुधर जाती है।
अपने तक मत रखें सीमित
इस जानकारी को बनायें असीमित
लिखने में आ जाती हैं सलवटें
अब मत बदलें करवटें
सलवटें दूर करें।
अहा जिंदगी मासिक पत्रिका अगस्त 2010 से साभार।


4 टिप्पणियाँ:
उपयोगी जानकारी है!
sahi hee likha hai, jaankari ke liye dhanyavad.
theek baat.
वाह क्या बात कही है.....
यह तो बहुत जरूरी भी है।
हमारी लिखावट हमारे मन का आईना है।
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