' पिता - ईश्वर का वरदान '
‘ पिता – ईश्वर का वरदान ‘
‘पिता’
है ईश्वर का रूप ,
है पावन एक धूप ,
है स्नेह भरा संबल ,
है खुशियों का नभतल ,
है प्यार जिनका अमूल्य ,
है रिश्ता वो अतुल्य ,
है जिनसे मेरी पहचान ,
ईश्वर का वो है वरदान !
- सोनल पंवार
शुरूआत से संपन्न होने तक का सफर
‘ पिता – ईश्वर का वरदान ‘
‘पिता’
है ईश्वर का रूप ,
है पावन एक धूप ,
है स्नेह भरा संबल ,
है खुशियों का नभतल ,
है प्यार जिनका अमूल्य ,
है रिश्ता वो अतुल्य ,
है जिनसे मेरी पहचान ,
ईश्वर का वो है वरदान !
- सोनल पंवार
प्रस्तुतकर्ता sonal पर 5:39 pm
© Blogger template 'Grease' by Ourblogtemplates.com 2008
Back to TOP
7 टिप्पणियाँ:
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| धन्यवाद|
Bahut Sunder.....
बहुत सुंदर कविता लिखी आपने..... हैप्पी फादर्स डे
पिता ही हमारे अंकुर हैं !
बहुत ही सही बात कही है आपने !आपना कीमती टाइम निकल कर मेरे ब्लॉग पर आए !
डाउनलोड म्यूजिक
डाउनलोड मूवी
क्या कहूं.. बहुत बढिया। पिता जी को मेरा भी नमन
धन्यवाद|
एक टिप्पणी भेजें